केंद्रीय मंत्री नायब सिंह सैनी ने चेतावनी दी है कि श्रमिकों को आगे बढ़ाए बिना भारत का विकसित राष्ट्र बनने का सपना पूरा नहीं हो सकता। एक महत्वपूर्ण आयोजन में उन्होंने कहा, ‘यह संकल्प मजदूरों की उन्नति के अभाव में आधा-अधूरा है।’
सैनी ने पीएम-कौशल विकास योजना और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उल्लेख किया। ये कार्यक्रम कौशल अंतर और आर्थिक असुरक्षा को दूर करने पर केंद्रित हैं।
उन्होंने प्रौद्योगिकी के जरिए श्रमिकों को नई भूमिकाओं के लिए तैयार करने की वकालत की। हालिया सर्वे बताते हैं कि लाखों लोग औपचारिक रोजगार की ओर बढ़ रहे हैं।
वेतन असमानता और प्रवासन जैसी समस्याओं पर सैनी ने एमएसएमई के लिए नए प्रोत्साहन की घोषणा की।
भविष्य में हर श्रमिक राष्ट्र की प्रगति में भागीदार बने, ऐसी उनकी कल्पना है। युवा बेरोजगारी के दौर में यह बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
उद्योगपतियों ने समर्थन जताया। आर्थिक नीतियों पर बहस तेज हो रही है, जिसमें श्रमिक अधिकार प्रमुख हैं। सैनी ने श्रमिकों को विकास का केंद्र बनाया।