दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को लालू यादव परिवार द्वारा दायर याचिकाओं पर अहम सुनवाई होगी। आईआरसीटीसी के होटल निर्माण ठेके में कथित भ्रष्टाचार के इस मामले ने लंबे समय से सुर्खियां बटोरी हैं।
मुख्य आरोपी पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद हैं, जिनके कार्यकाल में रिश्तेदारों की कंपनियों को लाभ पहुंचाने का आरोप है। सीबीआई और ईडी की संयुक्त जांच में जमीन अधिग्रहण और ठेका प्रक्रिया में विसंगतियां सामने आईं।
याचिका में ईडी जांच को गैरकानूनी बताते हुए सभी कार्यवाहियों को रद्द करने की प्रार्थना की गई है। परिवार का कहना है कि साक्ष्य निर्माण किया गया है और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ।
बिहार विधानसभा चुनावों के नजदीक आते ही यह सुनवाई राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गई है। आरजेडी ने इसे सत्ता पक्ष की साजिश करार दिया है।
अदालत संपत्ति कुर्की और गिरफ्तारी वारंटों पर भी रोक लगाने पर विचार करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि पीएमएलए प्रावधानों की सख्त व्याख्या हो सकती है।
यह प्रकरण राजनीतिक परिवारों पर भ्रष्टाचार के आरोपों की लंबी कड़ी का हिस्सा है। न्यायालय का फैसला आने वाली कार्यवाहियों का रुख तय करेगा।