तेलंगाना में ग्रेटर हैदराबाद की ट्रैफिक मसले को हल करने के लिए युवा आईपीएस अधिकारियों पर भरोसा जताया गया है। राज्य प्रशासन ने इनकी तैनाती कर शहर की सड़कों को जाममुक्त बनाने का अभियान शुरू किया है। तकनीकी कुशलता और जोश से लबरेज ये अधिकारी चुनौती स्वीकार करने को तैयार हैं।
शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक का बुरा हाल है। हाइटेक सिटी, अमीरपेट और कुकटपल्ली में यात्रा घंटों लंबी खिंच जाती है। वाहनों की बढ़ती तादाद और बुनियादी ढांचे की कमी ने स्थिति को बदतर बना दिया। ऐसे में युवा अधिकारियों को सौंपा गया यह दायित्व सराहनीय है।
एक्शन प्लान में स्मार्ट ट्रैफिक लाइट्स, ड्रोन सर्विलांस और ऐप आधारित शिकायत निवारण शामिल है। वे फुटपाथों को साफ करेंगे, पार्किंग सुधारेंगे और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देंगे। स्थानीय लोगों से सुझाव लेकर काम होगा।
यह कदम स्मार्ट सिटी परियोजना का हिस्सा है। सफलता मिली तो अन्य शहरों के लिए मिसाल बनेगा। हैदराबादवासी अब सुधार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ट्रैफिक प्रॉब्लम अब इतिहास बनने वाली है।