संजय सरावगी ने एनडीए सरकार को सनातन संस्कृति के साथ शिक्षा के क्षेत्र में शानदार योगदान के लिए बधाई दी है। उनके अनुसार, यह प्रयास भारतीय शिक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सरावगी ने बताया कि पाठ्यक्रम में रामायण, महाभारत और आयुर्वेद जैसे तत्वों को शामिल करने से छात्रों का सर्वांगीण विकास हो रहा है। विशेष रूप से, वेदिक गणित और ध्यान अभ्यास ने स्कूलों में क्रांति ला दी है। बिहार और मध्य प्रदेश में पायलट प्रोजेक्ट सफल साबित हुए हैं।
‘सनातन हमारी जड़ें हैं, जो हमें मजबूत बनाती हैं,’ सरावगी ने कहा। सरकार द्वारा बहुभाषी शिक्षा और सांस्कृतिक पुस्तकालयों की स्थापना से लाखों बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। रिपोर्ट्स में छात्र प्रदर्शन में 22 प्रतिशत की उछाल का पता चलता है।
संभावित विवादों पर सरावगी ने स्पष्ट किया कि यह समावेशी दृष्टिकोण है, जो सभी धर्मों का सम्मान करता है। एनडीए के नवाचार जैसे ऐप-आधारित संस्कृत कोर्स युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं।
सरावगी ने भविष्य के लिए सुझाव दिए कि निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़े। यह शिक्षा मॉडल भारत के सुनहरे भविष्य की कुंजी है।