प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 23 जनवरी को तमिलनाडु में होने वाले रैली से एनडीए का लोकसभा चुनावी कैंपेन जोरदार तरीके से शुरू होगा। द्रविड़ पार्टियों के गढ़ में सेंध लगाने की यह कोशिश गठबंधन की मजबूत रणनीति दर्शाती है।
मुख्य आयोजन स्थल पर व्यापक तैयारियां चल रही हैं, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम और बड़े पर्दे शामिल हैं। मोदीजी का भाषण आर्थिक प्रगति, जल विवाद और राज्य की समस्याओं पर प्रहार करेगा।
एनडीए ने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ एकजुट होकर वोट बैंक मजबूत किया है। बेरोजगारी, बाढ़ प्रबंधन जैसी मुद्दों पर सरकार की नाकामी उजागर होगी।
‘पोंगल के बाद राजनीतिक पोंगल होगा,’ पार्टी नेता ने हंसते हुए कहा। युवा और महिला सम्मेलनों की श्रृंखला भी शुरू होगी।
39 सीटों की इस लड़ाई में जनवरी की रैली गेम चेंजर साबित हो सकती है। एनडीए को उम्मीद है कि केंद्र की उपलब्धियां तमिल मतदाताओं को प्रभावित करेंगी, जिससे 2024 के चुनावों का समीकरण बदलेगा।