नेपाल में सियासी हलचल मच गई है—काठमांडू महानगरपालिका के मेयर बालेन शाह ने संसदीय चुनाव लड़ने के लिए रविवार को इस्तीफा दे दिया। मार्च 5 के प्रतिनिधि सभा चुनाव से पहले यह कदम डिप्टी मेयर सुनीता डंगोल को सौंपा गया, जिसमें संवैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया गया।
तीन साल से अधिक समय से काठमांडू को नई दिशा दे रहे शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने उनकी सीट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की, मगर झापा-5 पर सट्टेबाजी तेज है। यही वह क्षेत्र है जहां केपी शर्मा ओली राज करते हैं, और दोनों के बीच पहले भी कई बार टक्कर हुई है।
आर्किटेक्ट व रैपर शाह की लोकप्रियता युवाओं में चरम पर है, खासकर शहर की सड़कों-बुनियादी सुविधाओं पर उनके काम और पारंपरिक दलों पर प्रहार के कारण। गत साल जेन जेड आंदोलन के बाद वे सुशीला कार्की सरकार बनाने में निर्णायक बने। दिसंबर में आरएसपी से सात बिंदुओं वाले करार ने उन्हें भविष्य का संसदीय नेता व पीएम दावेदार बना दिया।
2022 में बिना किसी पार्टी के समर्थन मेयर बने शाह ने राजनीति में नई हवा लाई। मीडिया से दूरी रखने वाले इस एकांतप्रिय नेता का ओली से मुकाबला राष्ट्रीय स्तर पर अगले पीएम की दौड़ तय कर सकता है। नेपाल के युवा वोटरों की नजर इस रोमांचक मुकाबले पर टिकी है।