मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश भारत का स्वास्थ्य सेवा और मेडिकल टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा केंद्र बनेगा। यह व्यापक रणनीति राज्य के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
उत्तर प्रदेश मेडटेक समिट में मुख्य भाषण के दौरान योगी ने विस्तृत ब्लूप्रिंट पेश किया। सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल, इनोवेशन इंक्यूबेटर और मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के लिए बड़े फंड आवंटित होंगे। उद्देश्य उन्नत चिकित्सा को सुलभ बनाना है।
युवा वर्कफोर्स, विशाल लैंड बैंक और एक्सप्रेसवे-अर्पोर्ट कनेक्टिविटी यूपी के मजबूत पक्ष हैं। योगी ने 10 नए मेडिकल सिटी का प्लान बताया, जो कार्डियोलॉजी, ऑन्कोलॉजी जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ होंगे। रोबोटिक्स और AI डायग्नोस्टिक्स का इंटीग्रेशन होगा।
इनवेस्टमेंट समिट में अमेरिका, जर्मनी और इजरायल की कंपनियों से कमिटमेंट मिले। प्रो-बिजनेस पॉलिसी से सिंगल विंडो क्लियरेंस और सब्सिडी मिलेगी।
ह्यूमन कैपिटल पर जोर है। नर्सिंग और पैरामेडिकल में 50,000 सीटें बढ़ेंगी। IIT से बायोमेडिकल इंजीनियरिंग टाई-अप होंगे। योगी ने मेडिकल डिवाइस एक्सपोर्ट का सपना देखा।
‘हेल्थ फॉर ऑल’ प्रोग्राम से AI एम्बुलेंस और प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स से महामारी रोकथाम होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में 5G टेलीकंसल्टेशन से सबको लाभ।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि दशक में 50 बिलियन डॉलर इकोनॉमी बूस्ट होगा। नीतिगत स्थिरता से यूपी आगे निकल जाएगा। प्रमुख प्रोजेक्ट्स की शुरुआत से उत्साह चरम पर है।