क्या बाजार तेजी बरकरार रखेगा या रुकेगा? इसका जवाब तिमाही आय, व्यापार सौदों और आर्थिक आंकड़ों में छिपा है। निवेशक इन घटनाओं का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
रिलायंस, एचडीएफसी बैंक जैसी दिग्गज कंपनियों के नतीजे बाजार को झकझोर सकते हैं। 15-20 फीसदी मुनाफा बढ़ोतरी का अनुमान है, लेकिन सरप्राइज रिजल्ट्स से उछाल या गिरावट संभव।
भारत-यूरोपीय संघ एफटीए और अमेरिका के साथ डील में प्रगति सकारात्मक रहेगी। इससे टेक्सटाइल, फार्मा और ऑटो सेक्टर को गति मिलेगी।
उद्योग उत्पादन, खुदरा महंगाई और वित्तीय घाटे के आंकड़े आरबीआई की नीति को प्रभावित करेंगे। मजबूत आंकड़े से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।
तकनीकी रूप से निफ्टी महत्वपूर्ण स्तर पर टिका है। एफआईआई प्रवाह और कच्चे तेल की कीमतें भी असर डालेंगी। लंबी अवधि के निवेशकों को डिप्स पर खरीदारी का मौका दिख रहा है।