तमिलनाडु में ‘आलमंड किट’ कफ सिरप की बिक्री पर पूर्ण रोक लगा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में उत्पाद के खतरनाक घटकों का पता चला, जिसके बाद राज्य सरकार ने तुरंत प्रतिबंध की घोषणा की। यह कदम आम जनता, खासकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया।
बाजार में बादाम युक्त हर्बल सिरप के रूप में प्रचारित यह दवा लोकप्रिय थी। लेकिन लैब टेस्ट से अनियमितताएं सामने आईं, जिनमें संभावित विषाक्त पदार्थ शामिल हैं। उपभोक्ताओं ने सुस्ती और एलर्जी जैसे लक्षणों की शिकायतें दर्ज कीं।
आधिकारिक अधिसूचना के जरिए सभी विक्रेताओं को स्टॉक नष्ट करने और रिपोर्ट देने को कहा गया। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को भी सतर्क किया गया है। दवा निरीक्षक छापेमारी में जुटे हैं, जिससे कई जगहों पर जब्ती हुई।
देशव्यापी फार्मा घोटालों के संदर्भ में तमिलनाडु की यह पहल सराहनीय है। हर्बल दवाओं के लिए कठोर परीक्षण और पारदर्शी पैकेजिंग की मांग तेज हो गई। सरकार जागरूकता अभियान चला रही है।
भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए नियामक ढांचे को मजबूत किया जाए। उपभोक्ता सजग रहें और प्रमाणित उत्पाद ही खरीदें। यह प्रतिबंध स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।