अमेरिका ने सीरिया के उत्तर-पश्चिम इलाके में सटीक हवाई हमला कर अल-कायदा के प्रमुख नेता बिलाल हसन अल-जसीम को ठोक दिया। 16 जनवरी को अंजाम पाए हॉकआई स्ट्राइक ने दिसंबर के पल्मायरा हमले का बदला लिया, जिसमें तीन अमेरिकियों की जान गई थी—दो सैनिक और एक अनुवादक।
सेंट्रल कमांड ने बताया कि अल-जसीम आईएसआईएस से जुड़ा सीनियर आतंकी था, जो हमले के गनमैन से संबंधित था। युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा, ‘हम भूलेंगे नहीं, झुकेंगे नहीं।’ कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने स्पष्ट किया कि सैनिकों पर हमला करने वालों को कहीं छिपने की जगह नहीं मिलेगी—हम ढूंढ लेंगे।
यह हमला पल्मायरा घटना के बाद तीसरा दौर का सैन्य कदम है। हॉकआई कैंपेन में सहयोगी सेनाओं के साथ 100 से ज्यादा आईएसआईएस साइट्स पर 200 हथियारों से प्रहार हुए, समूह की क्षमताओं को ध्वस्त किया।
जमीनी मोर्चे पर भी सफलता मिली—पिछले साल 300+ ऑपरेटिव गिरफ्तार, 20+ ढेर। आईएसआईएस के बने रहने वाले खतरे से निपटने को अमेरिका ने सीरिया में सैन्य बल बढ़ाया है। ये प्रयास वैश्विक आतंक के विरुद्ध मजबूत संकल्प दिखाते हैं।