वित्त मंत्री के बयान ने पाकिस्तान में हड़कंप मचा दिया। मुहम्मद औरंगजेब ने बताया कि भारी कराधान और ऊर्जा लागतों ने वैश्विक कंपनियों को देश से खदेड़ दिया है। यह आर्थिक संकट के दौर में चिंताजनक खबर है।
कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां उत्पादन इकाइयां बंद कर अन्य देशों की ओर रुख कर रही हैं। बिजली दरें दोगुनी हो चुकी हैं, जबकि कर प्रणाली व्यवसायों के गले की हड्डी बनी हुई है। ऊर्जा क्षेत्र का सर्कुलर डेब्ट और आयातित ईंधन की महंगाई समस्या को और गहरा रही है।
संसद में मंत्री ने स्पष्ट कहा कि ये नीतियां जरूरी तो हैं, लेकिन निवेश को भगा रही हैं। आंकड़े दिखाते हैं कि एफडीआई में भारी कमी आई है। भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के देश बेहतर सुविधाओं से पाकिस्तान को पीछे छोड़ रहे हैं।
इससे नौकरियां जा रही हैं, तकनीक का हस्तांतरण रुक रहा है। सरकार के पास सब्सिडी, नवीकरणीय ऊर्जा और टैक्स राहत जैसे विकल्प हैं, लेकिन राजनीतिक बाधाएं रुकावट हैं। अगर सुधार नहीं हुए तो आर्थिक पुनरुद्धार मुश्किल होगा।