बंगाल में बढ़ते अराजकता के बीच सुवेंदु अधिकारी ने राज्यपाल को पत्र लिखकर बेलडांगा की हिंसा पर ध्यानाकर्षण कराया। उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधते हुए कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी और तुरंत कार्रवाई की मांग उठाई।
पत्र में बताया गया कि स्थानीय चुनावों के बाद शुरू हुई झड़पें जल्द ही हिंसक रूप ले लीं। गाड़ियों में आग लगाई गई, घरों पर हमले हुए और निर्दोष लोग चपेट में आए। दर्जनों घायलों का इलाज चल रहा है। अधिकारी ने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ता मुख्य निशाना बने, जबकि पुलिस ने टीएमसी कार्यकर्ताओं को संरक्षण दिया।
मुरशिदाबाद का बेलडांगा संवेदनशील क्षेत्र है, जहां पहले भी दंगे भड़क चुके हैं। अधिकारी ने राज्यपाल से संवैधानिक शक्तियों का उपयोग कर दोषी अधिकारियों को हटाने, निष्पक्ष जांच कराने और शांति समितियों को सक्रिय करने का आग्रह किया। ‘बंगाल में अराजकता स्वीकार्य नहीं,’ उन्होंने कहा।
टीएमसी ने आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया, लेकिन विपक्ष का रुख कड़ा है। राज्यपाल की प्रतिक्रिया भविष्य के विवादों के लिए मिसाल बनेगी। स्थानीय लोगों को शांति की दरकार है, जो प्रशासनिक जवाबदेही पर निर्भर करेगी। यह घटना बंगाल की राजनीति में नए मोड़ का संकेत दे रही है।