मुंबई में शिवसेना ने अपने ताजा चुने गए नगर पार्षदों के लिए तीन दिनों का विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाया, जिसमें प्रशासनिक दक्षता और राजनीतिक चतुराई पर जोर दिया गया। यह आयोजन पार्टी की भावी रणनीति का हिस्सा है, जो बीएमसी में मजबूत स्थिति बनाए रखने पर केंद्रित है।
पहले दिन बजट बनाना, प्रस्ताव पारित कराना और विकास कार्यों की निगरानी जैसे विषयों पर सत्र चले। अनुभवी प्रशासकों ने पार्षदों को बाढ़ प्रबंधन, स्लम पुनर्वास और सड़क निर्माण जैसी मुद्दों पर सफल मॉडल साझा किए।
दूसरे दिन राजनीतिक प्रशिक्षण का दौर रहा, जहां गठबंधन की राजनीति, मीडिया हैंडलिंग और वार्ड स्तर पर संगठन मजबूत करने पर चर्चा हुई। समूह चर्चाओं में पार्षदों ने अपनी योजनाएं साझा कीं।
अंतिम दिन में 100 दिवसीय एक्शन प्लान तैयार किए गए। नेताओं ने पार्षदों को डिजिटल टूल्स के उपयोग और जनता से जुड़ाव पर सलाह दी। यह कार्यशाला न केवल ज्ञान प्रदान करेगी, बल्कि पार्टी के इन युवा नेताओं को चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करेगी।
शिवसेना का यह प्रयास मुंबईवासियों को बेहतर सेवाएं देने का वादा करता है। पार्षद उत्साहित दिखे और उन्होंने शहर के विकास में योगदान देने का संकल्प दोहराया।