दुनिया भर में भारतीय प्रतिभा गूंज रही है। ऑस्कर की शॉर्टलिस्ट में ‘तन्वी द ग्रेट’ और ‘पारो’ का नाम शामिल होने से बॉलीवुड में खुशी की लहर दौड़ गई है। अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म कैटेगरी में यह दोहरा सम्मान ऐतिहासिक है।
‘तन्वी द ग्रेट’ में शानूर मिर्जा की अद्भुत अभिनय के साथ एक लड़की का जादूगर बनने का संघर्ष दिखाया गया है। निर्देशक अनुपम शर्मा ने परंपरा और आधुनिकता के टकराव को खूबसूरती से उकेरा है।
वहीं ‘पारो’ आदिवासी जीवन की कठिनाइयों को बयान करती है। विशाल भारद्वाज की यह कृति अन्याय के खिलाफ विद्रोह की कहानी है, जो त्योहारों में खूब वाहवाही बटोर चुकी है।
प्रतिस्पर्धा कठिन थी, लेकिन इन फिल्मों की कलात्मक उत्कृष्टता ने बाजी मार ली। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और सरकारी समर्थन ने वैश्विक पहुंच बढ़ाई है।
अभी नामांकन बाकी हैं, मगर यह सफलता भारतीय सिनेमा को नई ऊंचाइयों पर ले गई है। युवा फिल्मकार प्रेरित हैं, और दुनिया भारतीय कहानियों का इंतजार कर रही है।