विश्व पुस्तक मेले में भारतीय थलसेना ने अपने शौर्य गाथाओं को बखूबी चित्रित किया, जिसकी मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुलकर तारीफ की। यह प्रदर्शनी मेले का सबसे बड़ा आकर्षण बन चुकी है।
युद्धकालीन डायरियां, वीर सैनिकों के पत्र और भव्य मॉडल इस प्रदर्शनी को जीवंत बना रहे हैं। मान ने कहा, ‘सेना का यह विस्तृत प्रदर्शन हमारे सशस्त्र बलों की महानता को उजागर करता है।’
विशेषज्ञों के लेक्चर, वीआर टूर और किताबों की विशेष स्टॉल ने आगंतुकों को बांध रखा है। पंजाब सरकार ऐसी प्रदर्शनियों को राज्य स्तर पर ले जाने की योजना बना रही है।
मेले के आयोजकों के अनुसार, सेना पवेलियन पर सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ रही है। यह नौजवानों को अनुशासन और बलिदान की सीख दे रहा है।
कुल मिलाकर, यह प्रदर्शनी पुस्तक मेले को सांस्कृतिक उत्सव से ऊपर उठा रही है, जहां साहित्य और शौर्य का अनोखा संगम हो रहा है। देश की एकता को मजबूत करने में इसका योगदान सराहनीय है।