किसानों और महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने 893 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की है। इस राशि में से 638 करोड़ फसल बीमा के लिए और 255 करोड़ लाड़ली योजना के लिए निर्धारित हैं, जो राज्य की सामाजिक-आर्थिक संरचना को नई दिशा देगी।
फसल बीमा योजना किसानों को मौसम की मार से बचाएगी, खासकर हिसार और सिरसा जैसे सूखाग्रस्त जिलों में। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से पारदर्शिता सुनिश्चित होगी, जो भ्रष्टाचार की जड़ों को काटेगी।
लाड़ली योजना बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करेगी, शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ाएगी। मुख्यमंत्री ने इसे ‘दोगुनी गति से विकास’ का प्रतीक बताया। योजना से 10 लाख से अधिक किसान और 5 लाख परिवार लाभ लेंगे।
आर्थिक मोर्चे पर, यह निवेश ग्रामीण खपत को बढ़ावा देगा और खेती विविधीकरण को प्रोत्साहित करेगा। चुनौतियां जैसे जागरूकता की कमी को दूर करने के लिए शिविर और हेल्पलाइन शुरू होंगी।
विपक्ष की मांगों के बीच सरकार ने निगरानी डैशबोर्ड का वादा किया है। जीएसडीपी में महिलाओं की 48 प्रतिशत हिस्सेदारी को देखते हुए यह कदम रणनीतिक है।
अगले खरीफ सीजन में उत्पादन वृद्धि की उम्मीद है। हरियाणा का यह मॉडल पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा, जहां किसान समृद्ध होंगे और बेटियां सशक्त।