प्रधानमंत्री कौशल संवर्धन एवं प्रशिक्षण योजना (पीएम-सेतु) के तहत 1000 सरकारी आईटीआई को विश्वस्तरीय बनाया जाएगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खोलेगी और देश की स्किल्ड वर्कफोर्स को मजबूत करेगी।
देश में हर साल लाखों युवा श्रम बाजार में प्रवेश करते हैं लेकिन अपर्याप्त प्रशिक्षण के कारण नौकरियां हासिल नहीं कर पाते। पीएम-सेतु इसी कमी को दूर करने के लिए शुरू की गई है। इसमें अत्याधुनिक उपकरण, वर्चुअल रियलिटी लैब और सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग शामिल हैं।
तीन वर्षीय योजना के पहले साल में 300 संस्थानों पर काम शुरू हो जाएगा। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर फंडिंग करेंगी। पाठ्यक्रम में इलेक्ट्रिक वाहन, रिन्यूएबल एनर्जी और एआई जैसे उभरते क्षेत्र जोड़े जाएंगे।
उद्योग संगठनों के साथ एमओयू साइन किए गए हैं, जो प्लेसमेंट और अप्रेंटिसशिप सुनिश्चित करेंगे। आईआईटी विशेषज्ञ शिक्षकों को ट्रेन करेंगे। डिजिटल प्लेटफॉर्म से ऑनलाइन एडमिशन और सर्टिफिकेशन आसान होगा।
ग्रामीण इलाकों और एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स को प्राथमिकता मिलेगी। महिलाओं के लिए विशेष वर्कशॉप और स्कॉलरशिप होंगी। प्रारंभिक आंकड़ों से पता चलता है कि अपग्रेडेड आईटीआई में प्लेसमेंट 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
पीएम-सेतु न केवल बेरोजगारी पर लगाम लगाएगी बल्कि उद्यमिता को बढ़ावा देगी। स्टार्टअप इंक्यूबेटर और आरएंडडी सेंटर स्थापित होंगे। यह योजना विकसित भारत के लक्ष्य को गति देगी, जहां हर युवा का सपना साकार हो सके।