भारत की आर्थिक प्रगति पर बोलते हुए वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसे आत्मनिर्भरता और विश्वास का प्रतीक बताया। व्यापार आसानी बढ़ाने, एफटीए समझौतों और नीतिगत बदलावों को इस सफलता का आधार मानते हुए उन्होंने वैश्विक नेतृत्व की बात की।
विनियमन संबंधी बाधाओं को दूर कर भारत ने व्यापार आसानी सूचकांक में 142 से 63वें स्थान पर पहुंच गया। डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शी प्रक्रियाओं ने उद्यमिता को नई उड़ान दी है।
एफटीए ने व्यापार विविधीकरण को बढ़ावा दिया है। आसियान, यूएई जैसे समझौतों से निर्यात में दोगुनी तेजी आई है। कनाडा और यूरोपीय संघ के साथ वार्ताएं चल रही हैं जो और फायदेमंद साबित होंगी।
श्रम संहिताओं का एकीकरण, दिवालिया समाधान और पीएलआई योजनाओं ने निवेशकों का भरोसा जीता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और ऑटो क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ रही है।
महामारी के बाद 8.2 प्रतिशत विकास दर हासिल कर भारत ने लचीलापन दिखाया। ‘नवाचार और समावेशिता से हम मजबूत बने हैं।’ इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और स्टार्टअप्स के उदय से भारत की गति रुकने का नाम नहीं ले रही। यह वैश्विक सहयोग के लिए आमंत्रण है।