अमेरिका की फेडरल एविएशन एजेंसी ने लैटिन अमेरिका के ऊपर से गुजरने वाली उड़ानों के लिए खतरे की घंटी बजाई है। सैन्य अभियानों और जीपीएस इंटरफेरेंस से उत्पन्न संकट के मद्देनजर जारी ये एडवाइजरी मेक्सिको से पनामा तक और पूर्वी प्रशांत महासागर के प्रमुख रूट्स पर लागू हैं। बोगोटा, गुआयाकिल व माजातलान क्षेत्रों सहित विशाल हवाई पट्टी पर 60 दिनों तक ये एनओटीएएम सक्रिय रहेंगे।
एजेंसी ने स्पष्ट किया कि सैन्य कार्रवाइयों से नेविगेशन सिस्टम बाधित हो सकते हैं, जो सभी ऊंचाइयों पर उड़ानों को जोखिम में डाल सकते हैं। अमेरिकी पायलटों को विशेष सावधानी की हिदायत दी गई है।
पृष्ठभूमि में वेनेजुएला पर जनवरी के अमेरिकी हमले हैं, जिसमें मादुरो सरकार को निशाना बनाया गया। ट्रंप प्रशासन ने मेक्सिको-कोलंबिया कार्टेलों और क्यूबा पर नकेल कसने की बात कही है, जिससे तनाव चरम पर है।
पहले वेनेजुएला व आसपास के द्वीपों पर फरवरी तक प्रतिबंध थे। अब सात नई चेतावनियां प्रशांत क्षेत्र को सुरक्षित रखने का प्रयास हैं।
मेक्सिको ने बयान जारी कर कहा कि उनके एविएशन पर असर शून्य है। फिर भी, लैटिन देश अमेरिकी दखलंदाजी से चिंतित हैं। एक्स पर बहस छिड़ी है- क्या यह ट्रंप की चेतावनी या रूटीन सावधानी? ये कदम पश्चिमी गोलार्ध में उभरते संकट को उजागर करते हैं।