असंगठित मजदूरों के लिए खुशखबरी! केंद्र सरकार गिग वर्कर्स और घरेलू नौकरानियों के लिए ऐसी माइक्रोक्रेडिट योजना शुरू करने की तैयारी में है, जिसमें कोई गारंटी या सिक्योरिटी की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
स्विगी, जोमैटो जैसे ऐप्स पर काम करने वाले युवाओं को छोटे-मोटे जरूरतों के लिए कर्ज की तलाश रहती है। बैंक नियमों के कारण वे बाहर रह जाते हैं। घरेलू सहायक महिलाएं तो सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
स्कीम में 10 से 1 लाख तक लोन मिलेंगे, जो मोबाइल ऐप से मिनटों में स्वीकृत होंगे। आय सत्यापन कामकाजी ऐप्स से होगा। ब्याज दरें पारंपरिक साहूकारों से 50 प्रतिशत कम।
2024 बजट में वित्त मंत्री ने इसकी झलक दी थी। पीएम जनधन और मुद्रा से जोड़कर इसे विस्तार दिया जाएगा। मुंबई-दिल्ली में ट्रायल सफल रहा।
ट्रेड यूनियनों ने स्वागत किया है, लेकिन बीमा कवर की मांग की है। डिजिटल साक्षरता पर जोर दिया जा रहा। योजना से जीडीपी में भी इजाफा होगा।
कुल मिलाकर, यह श्रमिकों को मुख्यधारा से जोड़ेगी। कार्यान्वयन पर नजरें टिकी हैं।