शराब विरोधी प्रदर्शन मामले में निष्कासित कांग्रेस विधायक राहुल ममकूटाथिल को सत्र न्यायालय ने जमानत देने से साफ इनकार कर दिया। वायनाड के इस पूर्व विधायक के राजनीतिक करियर पर यह फैसला काला धब्बा साबित हो रहा है।
मामला तब शुरू हुआ जब ममकूटाथिल ने शराब दुकानों के खिलाफ भीड़ को उकसाया। दुकानों में घुसकर तोड़फोड़, आग लगाना जैसी घटनाओं से पुलिस ने केस दर्ज किया। कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। गिरफ्तारी के बाद जमानत की कोशिश नाकाम रही।
कोर्ट में पेश वीडियो फुटेज और गवाहों के बयानों ने ममकूटाथिल की चालाकी उजागर कर दी। जज ने सार्वजनिक व्यवस्था का हवाला देकर याचिका खारिज की। वकील अब हाईकोर्ट का रुख करने की तैयारी में हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हैं। विपक्ष इसे दमन का प्रतीक बता रहा है, वहीं सत्ता पक्ष कानून का पालन। केरल में शराबबंदी की मांग लंबे समय से चल रही है, और यह केस उसकी कड़वी याद दिलाता है। ममकूटाथिल के समर्थक आंदोलन तेज करने को बेताब हैं। घटनाक्रम राज्य की सियासत को नया रूप दे सकता है।