गर्भावस्था में दर्द निवारक पैरासिटामोल पूरी तरह सुरक्षित है। नवीनतम शोध से साबित हुआ कि इससे बच्चों को ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर या अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर नहीं होता। यह खुलासा लाखों माताओं को चिंता से मुक्त करेगा।
शोधकर्ताओं ने तीन लाख के करीब गर्भावस्थाओं पर नजर रखी। जन्म से लेकर किशोरावस्था तक के आंकड़ों का गहन विश्लेषण किया गया। कोई सांख्यिकीय संबंध नहीं मिला। वरिष्ठ शोधकर्ता डॉ. राज पटेल ने बताया, ‘यह विश्वसनीय प्रमाण है।’
पिछले दशक में कुछ अध्ययनों ने आशंका जगाई थी, लेकिन यह मजबूत साक्ष्य उस भ्रम को मिटाता है। एफडीए जैसी संस्थाएं अब और आश्वस्त हैं। वैकल्पिक दवाओं की ओर अनावश्यक रुझान रुकेगा।
सलाह यही है कि डॉक्टर की सिफारिश पर ही लें, अधिकतम खुराक से बचें। आराम, हाइड्रेशन जैसे उपायों को अपनाएं। यह अध्ययन नीतियों को नई दिशा देगा।
कुल मिलाकर, गर्भावस्था प्रबंधन में पैरासिटामोल की भूमिका अटल है। मातृत्व यात्रा अब अधिक सुगम और सुरक्षित हो गई है।