बिहार के केसरिया में स्थित विराट रामायण मंदिर अब दुनिया भर के भक्तों का नया केंद्र बन गया है। यहां दुनिया के सबसे विशाल शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा हो गई। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस पावन कार्य पर अपनी शुभकामनाएं दीं।
शिवलिंग की भव्यता देखते ही बनती है। पारंपरिक शिल्पकला से निर्मित यह प्रतिमा भगवान शिव की महिमा को दर्शाती है। परिवहन के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा में भाग लिया।
कोविंद जी ने इसे सांस्कृतिक पुनरुत्थान का प्रतीक बताया। उनका मानना है कि ऐसे प्रयास राष्ट्र को एकजुट करते हैं।
मंदिर परिसर रामायण की घटनाओं को जीवंत करता है। शिवलिंग के आगमन से शिव-राम भक्ति का अनूठा संगम हुआ है। समारोह रात्रि भर चला, जिसमें आरती और भंडारे का आयोजन हुआ।
पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है। स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। संरक्षण के आधुनिक उपाय किए जा रहे हैं। यह मंदिर अब वैश्विक तीर्थ बनने को तैयार है।