चक्रवात दित्वाह ने श्रीलंका को झकझोर दिया था, लेकिन ऑपरेशन सागर बंधु ने नई उम्मीद जगाई है। भारतीय सेना ने बी-492 हाईवे पर केएम 15 के निकट 120 फीट का तीसरा बेली ब्रिज बना लिया। इससे कैंडी-नुवारा एलिया का संपर्क बहाल हुआ, जो तूफान के बाद कटा हुआ था।
आपदा ने पूरे क्षेत्र को तबाह कर दिया। बाढ़ और भूस्खलन से पुल गिर गए, सड़कें गायब हो गईं। ग्रामीण इलाकों में लोग अभाव से जूझते रहे। भारत ने तुरंत सहायता शुरू की, जो एक सच्चे मित्र का परिचय है।
टास्क फोर्स बी-492 की मेहनत रंग लाई। जाफना व कैंडी के बाद सेंट्रल प्रोविंस में तीसरा ब्रिज तैयार। अब वाहन आसानी से चल रहे हैं, बाजारों में रौनक लौट आई है। आपात सेवाएं भी तेजी से पहुंच रही हैं।
भारत सरकार का यह ऑपरेशन बहुआयामी है। नौसेना ने सामग्री पहुंचाई, सेना ने निर्माण किया। श्रीलंका की जनता भारत के प्रति कृतज्ञ है। इन प्रयासों से नुकसान की भरपाई हो रही है और दोनों राष्ट्रों का बंधन मजबूत हो रहा है। भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने की क्षमता बढ़ेगी।