भारत मां का आह्वान करने वाला अमर गीत ‘वंदे मातरम्’ 150 वर्ष का हो गया। 2026 का गणतंत्र दिवस इसी की भव्य श्रद्धांजलि होगा, जहां बंकिम बाबू के रचना काल से स्वाधीनता की गाथा तक का सफर जीवंत हो उठेगा।
राजपथ पर सजेगा गीत का महाकुंभ—10 हजार कलाकारों का सामूहिक गान, ड्रोन शो से आकाश में तिरंगा, और राज्यीय झांकियां जो गीत की यात्रा बयां करेंगी। राष्ट्रपति भवन से गांव-गांव तक कार्यक्रम फैलेंगे।
युवाओं के लिए चैलेंज, बुजुर्गों के लिए स्मृति सभाएं, और वैश्विक मंच पर प्रस्तुतियां—यह समारोह देश की सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक बनेगा। ‘वंदे मातरम्’ सिर्फ गीत नहीं, मातृभक्ति का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।