भारत का स्टार्टअप परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि मान्यता प्राप्त 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स में 50% टियर-2 और टियर-3 शहरों से आ रहे हैं। यह महानगरों के एकाधिकार को तोड़ने वाला संकेत है।
उनके भाषण में नीतिगत समर्थन को हाइलाइट किया गया। सरत, नागपुर और विशाखापट्टनम जैसे स्थानों पर उद्यमी बीज निधि, टैक्स छूट और इंक्यूबेशन से लाभान्वित हो रहे हैं। ‘देश का हृदय नवाचार से धड़क रहा है,’ सिंह ने कहा।
आंकड़े दिखाते हैं कि कर्नाटक-दिल्ली के बाद यूपी दूसरे नंबर पर है। स्वास्थ्य तकनीक, लॉजिस्टिक्स और हरित ऊर्जा क्षेत्रों में ये शहर चमक रहे हैं। इससे लाखों नौकरियां पैदा हो रही हैं और शहरीकरण कम हो रहा है।
चुनौतियां जैसे बिजली आपूर्ति और पूंजी निवेश बरकरार हैं, लेकिन भारतनेट और राज्य एक्सीलरेटर समाधान ला रहे हैं। सिंह का लक्ष्य हर जिले में स्टार्टअप है, जो आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करेगा।