महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव परिणामों ने विवादास्पद मोड़ ले लिया है। कांग्रेस ने महायुति पर फर्जी मतदान के जरिए जीत चुराने का सीधा आरोप मढ़ा। ठाणे, उल्हासनगर जैसे इलाकों में भारी अनियमितताओं का हवाला देते हुए पार्टी ने इसे ‘चुनावी धांधली’ करार दिया।
नागपुर में हुई बैठक में कांग्रेस सांसदों ने डेटा सार्वजनिक किया। बूथ स्तर पर वोटरों से ज्यादा वोट, पहचान पत्रों की धांधली और मतगणना में गड़बड़ी के प्रमाण दिखाए। ‘महायुति ने लोकतंत्र को ठेंगा दिखाया,’ बोले वरिष्ठ नेता। हाईकोर्ट जाने और आंदोलन की चेतावनी दी।
गठबंधन ने पुणे, चेंभूर समेत कई जगहें जीतीं, जो उनके शहरी वर्चस्व को मजबूत करती हैं। कांग्रेस का तर्क है कि उनकी हार प्राकृतिक नहीं। कोल्हापुर में बसों से मजदूर लाकर वोट डलवाए जाने के दावे हैं। शरद पवार गुट के साथ एकजुटता का संकेत।
महायुति ने जवाब में कांग्रेस को हार का ठीकरा फोड़ने वाला बताया। ‘विकास का जवाब जनता ने दिया,’ कहा बीजेपी नेता। आयोग ने शिकायतें सुनीं, जांच का भरोसा दिया। सोशल मीडिया पर बहस तेज।
ये चुनाव विधानसभा की पूर्वपीठिका माने जाते हैं। फर्जीवाड़े के सबूत मिले तो नतीजे पलट सकते हैं। नागरिक समाज भी सतर्क। महाराष्ट्र में सत्ता का संतुलन अब अदालत के हवाले। पारदर्शिता की मिसाल कायम होनी चाहिए।