अफ्रीकन स्वाइन फीवर के कहर से मिजोरम का सूअर पालन उद्योग विध्वंस की कगार पर है। 2025 के लिए अनुमानित 115 करोड़ रुपये का नुकसान राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को झकझोर रहा है। यह वायरस सूअरों पर घातक हमला कर रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर मौतें हो रही हैं। आईजॉल और लुंगले जैसे जिलों से शुरू हुआ प्रकोप अब पूरे राज्य में फैल चुका है। आदिवासी समुदायों में जहां सूअर भोजन और आय का मुख्य स्रोत हैं, वहां गरीबी बढ़ रही है। पशुपालन विभाग ने क्वारंटीन, विसंक्रमण और निगरानी अभियान तेज कर दिए हैं, लेकिन टीका न होने के कारण चुनौती बड़ी बनी हुई है।
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