चीन की केंद्रीय बैंकिंग संस्था ने प्रमुख आर्थिक खंभों को सहारा देने के लिए नई पहल शुरू की है। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (पीबीओसी) ने 15 जनवरी को बताया कि 19 जनवरी से पुनर्ऋण सुविधाओं पर ब्याज दरें 0.25 प्रतिशत घटाई जाएंगी। इसका मकसद संरचनात्मक मौद्रिक नीतियों को और प्रभावी बनाना तथा बैंकों को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं, संवेदनशील क्षेत्रों और कमजोर हिस्सों की ओर उन्मुख करना है।
राज्य परिषद के प्रेस कॉन्फ्रेंस में जू लैन ने आठ नई नीतियों का जिक्र किया, जो इन उपकरणों के जरिए समर्थन को बढ़ाएंगी। ब्याज दर में कमी वाली नीति सबसे अहम है, जो प्राथमिक उधार को किफायती बनाएगी।
एक ही दिन कृषि व छोटे व्यवसायों के पुनर्ऋण कोटा को 5 खरब युआन तथा तकनीकी नवाचार के लिए 4 खरब युआन तक विस्तारित करने की घोषणा हुई। ये कोटे किसानों, उद्यमियों और हाई-टेक क्षेत्र को मजबूती देंगे।
महामारी के बाद की चुनौतियों और वैश्विक दबावों के बीच यह रणनीति चीन की सतर्कता दिखाती है। बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी गई, क्योंकि इससे लक्षित क्षेत्रों में ऋण वृद्धि की उम्मीद है। इन बदलावों से आर्थिक स्थिरता बढ़ेगी और विकास की नई गति बनेगी।