‘मेक इन इंडिया’ की बदौलत भारत के स्टार्टअप्स हर क्षेत्र में छाए हुए हैं। यह पहल अब केवल विनिर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि पूर्ण क्रांति का रूप ले चुकी है। फिनटेक में यूपीआई ने अरबों लेन-देन संभाले। एडटेक ने गांवों तक शिक्षा पहुंचाई। हेल्थटेक में एआई जांच ने स्वास्थ्य सेवाओं को बदला। एग्रीटेक ऐप्स ने किसानों को सीधे बाजार से जोड़ा। फंडिंग 24 अरब डॉलर को पार कर रिकॉर्ड बनाया। सरकार ने अनुपालन सरल किया, पेटेंट तेज किया और 10,000 करोड़ का फंड दिया। 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में स्टार्टअप्स मुख्य इंजन हैं।
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