आरबीआई के ताजा आंकड़ों में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 392 मिलियन डॉलर बढ़कर 687 बिलियन डॉलर हो गया। यह सकारात्मक संकेत उभरती अर्थव्यवस्था की मजबूती को रेखांकित करता है। विदेशी मुद्रा आस्तियां स्थिर रहीं, और सोने के मूल्य में वृद्धि से समर्थन मिला। वैश्विक चुनौतियों जैसे ऊर्जा मूल्यों में उतार-चढ़ाव के बीच यह भंडार सुरक्षा कवच का काम करता है। आईटी निर्यात, एफडीआई और रेमिटेंस इस उछाल के पीछे हैं। रुपये पर दबाव कम हुआ है और अब आयात कवरेज एक वर्ष के करीब पहुंच गया है।
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