सिख गुरु विवाद में दिल्ली विधानसभा ने पंजाब पुलिस की फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी रिपोर्ट को चुनौती दी है। विधानसभा ने तुरंत नोटिस जारी कर विस्तृत जबाव तलब किया है, जो मामले को नई मोड़ दे रहा है।
यह पुराना विवाद धार्मिक अवशेषों की प्रमाणिकता से जुड़ा है। पंजाब की रिपोर्ट को निर्णायक बताया गया, लेकिन दिल्ली ने इसमें वैज्ञानिक कमियों का पर्दाफाश किया—जैसे चेन ऑफ कस्टडी टूटना और पुरानी तकनीक का इस्तेमाल।
उग्र बहस के बाद पारित प्रस्ताव में 15 बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया। विपक्ष और सत्ताधारी दोनों ने एकजुट होकर कहा कि सत्य के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी। पंजाब पुलिस को समयसीमा दी गई है।
सिख संगठनों ने दिल्ली का साथ दिया, जबकि पंजाब ने राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया। कानूनी जानकारों के अनुसार, यह सीबीआई स्तर की जांच का रास्ता खोल सकता है।
राज्यों के बीच संबंधों पर असर पड़ रहा है। सिख गुरु मामले का यह नया अध्याय ऐतिहासिक सत्य को उजागर करने की उम्मीद जगाता है।