दिल्ली हाईकोर्ट में एम्स ने सुविधाओं पर स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें अंसारी नगर में विशाल 3000 बेड वाले विश्राम सदन की योजना प्रमुखता से बताई गई। यह परियोजना मरीज सहयोगियों के आश्रय संकट को दूर करेगी, जो रोजाना हजारों संख्या में आते हैं।
रिपोर्ट में ओवरक्राउडिंग की समस्या उजागर की गई है, जहां परिजन सड़कों पर रातें गुजारने को मजबूर हैं। सदन में पुरुष, महिला और पारिवारिक खंड, कैंटीन, लॉन्ड्री तथा सुरक्षा व्यवस्था होगी। आधुनिक डिजाइन के साथ डिजिटल बुकिंग सिस्टम भी लागू होगा।
मानसून के बाद निर्माण शुरू होगा, जिसमें केंद्र सरकार का वित्त पोषण है। अन्य एम्स शाखाओं के अनुभव से 40 प्रतिशत सुधार की उम्मीद है। न्यायालय ने सराहना की और समयबद्ध प्रगति रिपोर्ट मांगी।
यह विकास स्वास्थ्य सेवाओं में सहायक ढांचे को मजबूत करेगा। संगठनों ने इसे क्रांतिकारी बताया है, जो चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देगा। एम्स राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल बनेगा।