भारत की हरित ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं को बल मिलेगा जब आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में पहला ग्रीन अमोनिया संयंत्र चालू होगा। 8,000 नौकरियों के साथ यह प्रोजेक्ट आर्थिक विकास और ऊर्जा सुरक्षा का प्रतीक बनेगा।
नवीकरणीय ऊर्जा से उत्पादित यह अमोनिया जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाएगा। खेती, समुद्री परिवहन जैसे क्षेत्रों में स्वच्छ ईंधन की मांग पूरी करेगा।
बंदरगाह की सुविधा के कारण काकीनाडा चुना गया। यह ग्रीन हाइड्रोजन नीति से जुड़कर आंध्र को ऊर्जा केंद्र बनाएगा।
रोजगार अवसर व्यापक होंगे, जिसमें कौशल विकास पर जोर। युवाओं को सशक्त बनाने के लिए संस्थानों से साझेदारी।
वैश्विक मांग के बीच भारत निर्यातक बनेगा। यह भारी उद्योगों के डीकार्बनाइजेशन की शुरुआत है। काकीनाडा का हरित युग शुरू हो चुका।