केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मकर संक्रांति पर्व को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक करार देते हुए कहा कि यह ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का जीवंत उदाहरण बन चुका है। अपने संदेश में उन्होंने देशवासियों को उत्सव की बधाई देते हुए इसकी एकजुट करने वाली शक्ति पर प्रकाश डाला।
पूरे भारत में इस पर्व पर अलग-अलग नामों से मनाया जाता है—पंजाब में माघी, असम में बिहू, कर्नाटक में सुग्गी। लेकिन हर जगह इसका मूल भाव सूर्य देव की आराधना और फसल की बहार का आभार है। शाह ने ट्वीट किया, ‘मकर संक्रांति “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” का बेहतरीन उदाहरण बन गई है।’
इस बार पतंग उत्सवों और सामूहिक भोजों ने खासा उत्साह भरा। दिल्ली, अहमदाबाद और कोलकाता जैसे शहरों में लाखों लोग सड़कों पर उतरे। सरकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी इस एकता को बढ़ावा दिया, जहां विभिन्न राज्यों की परंपराएं एक-दूसरे से रूबरू हुईं।
अमित शाह ने सभी को सुख-समृद्धि की शुभकामनाएं दीं और कहा कि ऐसे त्योहार हमें आपसी भाईचारे की सीख देते हैं। युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने परंपराओं को अपनाने का आह्वान किया ताकि देश और मजबूत बने।
मकर संक्रांति के साथ ही सर्दी का अंत और बसंत का आगमन होता है। यह पर्व न केवल आध्यात्मिक उल्लास लाता है बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी मजबूत करता है। शाह का यह दृष्टिकोण भारत की उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करता है।