प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया स्टार्टअप इंडिया अब 10 बरस का हो चुका है। इस यात्रा में पेटीएम, ग्रो और जीरोधा जैसी दिग्गज कंपनियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है। इनके जरिए आम आदमी ने डिजिटल दुनिया को अपनाया।
पेटीएम ने कैशलेस क्रांति को हवा दी। डेमोक्रेटाइजेशन के बाद यह प्लेटफॉर्म जरूरी बन गया। आज इसके जरिए व्यापार से लेकर निवेश तक सब संभव है। आरबीआई लाइसेंस मिलने के बाद बैंकिंग सेवाएं शुरू हुईं।
बेंगलुरु की ग्रो ने निवेश को लोकतांत्रिक बना दिया। जीरो कमीशन म्यूचुअल फंड्स ने लाखों यूजर्स जोड़े। कोविड के बाद डीमैट अकाउंट्स में उछाल आया, जिसमें ग्रो शीर्ष पर रही।
जीरोधा का डिस्काउंट मॉडल अनोखा है। बिना वेंचर कैपिटल के मुनाफे में चल रही यह कंपनी 15 प्रतिशत रिटेल ट्रेडिंग हैंडल करती है। रेनमैटर जैसे प्रयासों से फिनटेक को बढ़ावा मिला।
सरकार की फंड ऑफ फंड्स और इनक्यूबेशन सेंटर्स ने 100 यूनिकॉर्न जन्म दिए। 12 लाख नौकरियां सृजित हुईं। आगे एआई और ग्रीन टेक पर फोकस होगा। स्टार्टअप इंडिया भारत की विकास गाथा का प्रतीक बनेगा।