चीनी वीजा घोटाले में राउज एवेन्यू डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने कार्यवाही 4 फरवरी तक टाल दी। यह स्कैम सैकड़ों लोगों को ठगने वाला था, जिसमें चीनी नागरिकों को नकली या बैकडेटेड वीजा दिए गए।
पिछले साल खुलासा हुआ यह रैकेट वीजा सिस्टम के कमजोरियों का फायदा उठाता था, प्रति आवेदक लाखों वसूलता था। सीबीआई छापों में जाली दस्तावेज, नकदी ट्रेल और वीजा काउंटर के इनसाइडर्स मिले। आज की सुनवाई में सबूतों की वैधता पर बहस हुई।
स्थगन से जब्त रिकॉर्ड्स के फोरेंसिक विश्लेषण और गवाह बयानों के लिए समय मिलेगा। कानूनी जानकारों का कहना है कि अदालत मजबूत केस सुनिश्चित करने को सतर्क है।
भारत में निवेश करने वाली चीनी कंपनियों के बिजनेस वीजा पर ऐसे स्कैम बढ़े हैं। गृह मंत्रालय ने ई-वीजा दिशानिर्देश सख्त किए हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस फैसले का इंतजार है। क्या यह सिंडिकेट बिखरेगा या सिस्टम की खामियां उजागर होंगी? फरवरी की तारीख महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगी।