मार्च 2026 में होने वाले भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट में स्वच्छ ऊर्जा और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति पर खास ध्यान दिया जाएगा। यह समिट ऊर्जा क्षेत्र की भविष्य की रूपरेखा तैयार करने का प्रमुख मंच बनेगा।
देश भर में बिजली की खपत में भारी इजाफा हो रहा है। 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य हासिल करने के लिए बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना जरूरी है। ग्रिड में रिन्यूएबल्स का एकीकरण चुनौतीपूर्ण लेकिन संभव है।
कार्यक्रम में हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन, स्मार्ट मीटरिंग और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम पर सत्र आयोजित होंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग नेटवर्क और डेटा सेंटर्स की बिजली जरूरतें भी चर्चा का विषय होंगी।
एनटीपीसी, अदानी ग्रीन और टाटा पावर जैसे दिग्गज कंपनियों के सीएमडी शामिल होंगे। अंतरराष्ट्रीय संगठनों से विशेषज्ञ सलाह देंगे। वर्कशॉप और प्रदर्शनी से प्रतिभागी लाभान्वित होंगे।
नीतिगत सुधारों, फंडिंग मॉडल और प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग पर बहस होगी। राज्य सरकारों के सफल मॉडल साझा किए जाएंगे। समिट से निकले सुझाव राष्ट्रीय ऊर्जा नीति को दिशा देंगे।
भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने में यह समिट मील का पत्थर साबित होगी। सभी हितधारकों के लिए यह अवसर सोने का अंडा देने वाली मुर्गी जैसा है।