पश्चिम बंगाल के फरक्का से चाकुलिया खंड में सड़क व रेल यातायात पूरी तरह ठप हो गया। असंतुष्ट ग्रामीणों के धरने-प्रदर्शन ने पूरे इलाके को जकड़ लिया, जिस पर भाजपा ने ममता सरकार को घेर लिया। विपक्षी दल ने इसे राज्य में व्याप्त अराजकता का प्रतीक बताया।
विरोधकारियों ने स्थानीय समस्याओं जैसे खराब सड़कों और जमीन विवादों को लेकर हाईवे व रेल ट्रैक जाम कर दिए। सैकड़ों ट्रक, कारें और बसें लंबी कतारों में अटक गईं। स्टेशनों पर ट्रेनें रुकने से यात्रियों में हड़बड़ी मच गई।
भाजपा के केंद्रीय नेता धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि TMC शासन में बंगाल कानूनहीनता की गिरफ्त में है। पार्टी ने कोलकाता में समानांतर विरोध प्रदर्शन भी आयोजित किए।
प्रशासन ने मध्यस्थता से सड़कों को बहाल किया, मगर रेल यातायात सामान्य होने में समय लगेगा। यह घटना क्षेत्रीय असंतोष को दर्शाती है, जहां विकास कार्य ठप पड़े हैं।
चुनावी माहौल में यह विवाद TMC के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है। भाजपा इसे मुद्दा बनाकर आक्रामक रुख अपना रही है, जबकि जनता स्थायी हल की अपेक्षा कर रही है।