ब्रिटेन की संसद में बांग्लादेशी अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार गूंजे। कंजर्वेटिव नेता बॉब ब्लैकमैन ने यूनुस सरकार के तहत बढ़ती हिंसा पर ब्रिटिश सरकार से जवाब तलब किया। हिंदुओं की निर्मम हत्याएं, मंदिरों पर आगजनी और अन्य समुदायों पर हमले देश को अस्थिरता की ओर धकेल रहे हैं।
हाउस ऑफ कॉमन्स की बहस में ब्लैकमैन ने विस्तार से स्थिति बयान की। उन्होंने हाउस लीडर के विदेश सचिव को पत्र की सराहना की। फरवरी चुनावों को लेकर आशंका जताई कि अवामी लीग पर 30 फीसदी वोट वाले बैन और कट्टरपंथियों की संवैधानिक मांग लोकतंत्र को कुचल रही है।
क्रॉस-पार्टी सांसदों- जिम शैनन, जस अठवाल, क्रिस लॉ के साथ मिलकर उन्होंने अंतरिम व्यवस्था पर वोटर्स प्रतिबंध हटाने की मांग की। विदेश सचिव से अल्पसंख्यक सुरक्षा और स्वतंत्र चुनाव के उपायों का ब्योरा मांगा।
यह एकजुट प्रयास दक्षिण एशियाई देश में न्याय और समावेशी प्रक्रिया की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, जहां हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।