अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वेनेजुएला की साहसी नेता मारिया कोरिना मचाडो की व्हाइट हाउस में पहली मुलाकात ने सुर्खियां बटोरीं। निजी लंच के दौरान मचाडो ने ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल सौंपा, जिसे ट्रंप ने ‘बड़े सम्मान’ की बात कही। एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, ‘मारिया अद्भुत हैं, जिन्होंने बहुत सहा। उनका नोबेल भेंट स्वागतयोग्य।’
मचाडो ने इसे प्रतीकात्मक बताया और ऐतिहासिक संदर्भ दिया। ‘200 वर्ष पूर्व लाफायेट ने बोलिवर को वाशिंगटन का मेडल दिया, जो जीवनभर संजोकर रखा। आज हम नोबेल लौटा रहे हैं, स्वतंत्रता समर्पण के सम्मान में।’ पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों को मजबूत बताया।
बैठक के बाद मचाडो सीनेट भवन गईं, जहां डिक डर्बिन और जीन शाहीन की मेजबानी में सीनेटरों से मिलीं। डर्बिन बोले, ‘वह वेनेजुएला परिवर्तन के लिए प्राण tyag करने को तैयार, नोबेल पूरी तरह सही।’ शाहीन ने कहा, ‘तानाशाह हटाना काफी नहीं, लोकतंत्र की गारंटी अमेरिका दे।’
रिपब्लिकन-डेमोक्रेट सीनेटरों ने नेतृत्व सराहा, मगर मादुरो के बादकी रणनीति पर बहस हुई। वेटिकन में पोप से मुलाकात के बाद यह यात्रा महत्वपूर्ण। 11 महीने गुमनामी के बाद नॉर्वे में नोबेल ग्रहण कर मचाडो ने संघर्ष को नई ऊर्जा दी। वेनेजुएला का भविष्य अब वैश्विक नजरों में है।