पश्चिम बंगाल में हलचल मचाने वाली खबर! मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुलासा किया कि नेटाजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 23 जनवरी को जेईई परीक्षा आयोजित न होने का श्रेय उन्हें जाता है। उनके सक्रिय हस्तक्षेप ने संभावित संकट टाल दिया।
सभा को संबोधित करते हुए ममता बोलीं, ‘हम नेटाजी के सम्मान पर परीक्षा नहीं होने दे सकते। मैंने सीधे अधिकारियों से बात की।’ एनटीए ने तुरंत योजना में बदलाव कर दिया।
राज्य भर के छात्र अब निश्चिंत हैं। कोचिंग संस्थानों में खुशी की लहर है, क्योंकि यात्रा और परीक्षा का टकराव नहीं होगा। नई परीक्षा तिथियां जल्द घोषित होने की उम्मीद।
कुछ लोग इसे राजनीति से जोड़ रहे, लेकिन ममता इसे शुद्ध छात्र कल्याण बता रही हैं। यह मामला परीक्षा शेड्यूल में सांस्कृतिक संवेदनशीलता की मिसाल बन गया।
नेटाजी जयंती पर राज्य पटके सजने को तैयार। ममता बनर्जी की यह उपलब्धि उनके प्रो-युवा छवि को नई ऊंचाई देगी। छात्रों के भविष्य की दिशा स्पष्ट करने का इंतजार।