उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के बाद सीपी राधाकृष्णन ने स्वास्थ्य पर जोर दिया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन में उन्होंने चेतावनी दी कि बिना स्वस्थ नागरिकों के विकास असंभव है।
लगभग 10 करोड़ डायबिटिक मरीजों का जिक्र कर चिंता जताई। महामारी के बाद मानसिक स्वास्थ्य संकट गहराया है। बाजरा आधारित आहार, टेलीमेडिसिन और महिला स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
निजी क्षेत्र से साझेदारी की घोषणा की। कॉर्पोरेट वेलनेस प्रोग्राम को बढ़ावा देने पर बल। वित्त मंत्री से स्वास्थ्य बजट बढ़ाने की अपील।
कार्यक्रम में नीति निर्माताओं की मौजूदगी रही। विपक्ष ने भी मुद्दे को उठाया। स्वस्थ भारत विश्व में नेतृत्व करेगा, ऐसा विश्वास जताया उपराष्ट्रपति ने।