राजधानी दिल्ली में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ विस्तृत बातचीत की, जिसमें राज्य की आर्थिक स्थिति सुधारने हेतु ठोस कदम उठाने का आग्रह किया गया। बैठक में आपदा प्रबंधन, बुनियादी ढांचे और राजकोषीय घाटे पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
सुक्खू ने बताया कि कोविड के बाद की मंदी और भारी वर्षा से उत्पन्न संकट ने राज्य के खजाने पर दबाव डाला है। सैकड़ों करोड़ के नुकसान के बीच जीएसटी क्षतिपूर्ति और केंद्रीय अनुदान में देरी ने परेशानी बढ़ाई है। उन्होंने 10 हजार करोड़ के विशेष पैकेज की मांग रखी।
चर्चा में सेब बागवानों को राहत, सड़क निर्माण और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए धन मुद्दा उठा। वित्त मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए वित्त आयोग के तहत सहायता का भरोसा दिलाया।
हिमाचल की अर्थव्यवस्था पर्यटन, बागवानी और ऊर्जा पर निर्भर है, इसलिए केंद्र का सहयोग अपरिहार्य है। यह बैठक राज्य सरकार की सक्रियता को दर्शाती है।
जनता को आशा है कि इससे विकास परियोजनाएं तेज होंगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। बजट सत्र से पहले यह कदम रणनीतिक महत्व का है।
अंततः, केंद्र-राज्य सहयोग से हिमाचल मजबूत बनेगा, जो राष्ट्र की एकता को मजबूत करेगा।