मध्य प्रदेश के मुखिया मोहन यादव ने एआई को भारत के उन्नयन का प्रमुख इंजन बताया। एआई नवाचार मंच पर उनके भाषण में स्पष्ट हुआ कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता राज्य और राष्ट्र को अभूतपूर्व प्रगति की ओर ले जाएगी।
कृषि में मशीन लर्निंग से सिंचाई और कीट नियंत्रण बेहतर हो रहा है, जिससे किसानों की आय 30 प्रतिशत बढ़ी। स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई चैटबॉट्स दूरदराज इलाकों में 24×7 परामर्श दे रहे हैं।
नैतिक एआई उपयोग के लिए नीतिगत ढांचे पर बल देते हुए सीएम ने कहा, ‘एआई सबका हो, चुनिंदा नहीं।’ राज्य में स्टार्टअप्स को टैक्स छूट और इनक्यूबेटर की घोषणा की। भोपाल-इंदौर में ये केंद्र स्थापित होंगे।
वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत को एआई महाशक्ति बनाने पर चर्चा हुई। 5 हजार से अधिक पेटेंट और लाखों प्रतिभाओं के साथ देश तैयार है। शिक्षा में एआई पाठ्यक्रम स्कूल स्तर से जोड़ने का सुझाव दिया।
समापन में यादव ने मेहनत रहित जीवन, उत्पादकता व स्थिरता का चित्रण किया। डिजिटल भारत अभियान के बीच उनका दृष्टिकोण उज्ज्वल भविष्य का वादा करता है।