भारत उरुग्वे की राजधानी मोंटेवीडियो में दूतावास स्थापित करने जा रहा है, जिसका उरुग्वे के भारत राजदूत अल्बर्टो एंटोनियो गुआनी अमरिला ने स्वागत किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक नेतृत्व क्षमता की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उन्हें ग्लोबल साउथ का सशक्त प्रतिनिधि बताया।
75 वर्ष पुराने द्विपक्षीय संबंध अब नई दिशा ले रहे हैं। दूतावास जून तक खुल सकता है और विदेश मंत्री जयशंकर के दौरे की संभावना है। राजदूत ने भारतीयों के लिए वीजा नियमों में छूट पर विचार का जिक्र किया, जो दिल्ली में मार्च की बैठक में तय हो सकता है।
उरुग्वे का नई दिल्ली में दूतावास और मुंबई में वाणिज्य दूतावास सक्रिय है, जबकि भारत का ब्यूनस आयर्स दूतावास उरुग्वे को कवर करता है। यूएनएससी में स्थायी सदस्यता के भारत के दावे का पूर्ण समर्थन है, मगर वीटो का विरोध।
दोनों राष्ट्र कृषि उत्पाद, दवा, आईटी और नवीकरणीय ऊर्जा में साझेदारी बढ़ाने को उत्सुक हैं। यह साझा दृष्टिकोण न केवल आर्थिक प्रगति लाएगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहमति भी मजबूत करेगा। राजदूत के बयान से साफ है कि भारत-उरुग्वे दोस्ती अब और गहरी होगी।