मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने कृषि क्षेत्र में चमत्कारिक प्रगति हासिल की है। नौ वर्षों में अन्नदाताओं को नई ताकत मिली, खेती लाभकारी व्यवसाय बनी।
सिंचाई क्रांति हुई। गंगा नहर विस्तार, माइक्रो इरिगेशन 35 लाख हेक्टेयर में। सोलर पंप 5 लाख किसानों को। बिजली बिल 60% कम।
आय सुरक्षा योजनाएं शुरू। वृद्ध किसान पेंशन 23 लाख को 2 हजार मासिक। फसल बीमा का दावा 30 दिन में। किसान क्रेडिट कार्ड 3.5 करोड़ जारी।
डिजिटल कृषि मित्र ऐप से मौसम, बाजार दरें, कीट अलर्ट। कृषि विज्ञान केंद्रों में ड्रोन प्रशिक्षण। 50 लाख किसान लाभान्वित।
उच्च मूल्य फसलें बढ़ीं। आलू भंडारण क्षमता दोगुनी, औषधीय फसलें 2 लाख हेक्टेयर में। डेयरी क्रांति से दूध उत्पादन नंबर वन।
निर्यात क्षेत्र विकसित। जीआई टैग उत्पाद वैश्विक बाजार में। खरीफ धान 80 लाख मीट्रिक टन डिजिटल खरीद।
प्राकृतिक खेती 10 लाख हेक्टेयर में। रासायनिक खाद 80% घटी। जल स्तर स्थिर।
परिणाम उल्लेखनीय – खाद्यान्न में 17%, सब्जी में 22% योगदान। किसान आय 2.8 लाख सालाना। ग्रामीण गरीबी 33% घटी।
योगी आदित्यनाथ ने किसान संकट को संकल्प में बदला। यूपी अब कृषि निर्यातक शक्ति। अन्नदाता आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त।