भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर यूरोपीय संघ के दो शीर्ष नेता मुख्य अतिथि बनेंगे। एंतोनियो कोस्टा व उर्सुला वॉन डेर लेयेन 25-27 जनवरी को पीएम मोदी के न्योते पर तीन दिवसीय यात्रा पर आएंगे। विदेश मंत्रालय की गुरुवार की जानकारी के मुताबिक, वे शिखर सम्मेलन की अगुवाई भी करेंगे।
27 जनवरी को 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में सह-अध्यक्षता के साथ राष्ट्रपति मुर्मू व पीएम मोदी से मुलाकातें होंगी। व्यापार मंच का प्रोजेक्ट भी लाइन में है, जो आर्थिक संबंधों को बूस्ट देगा।
2004 से चली आ रणनीतिक साझेदारी को 2022 के वर्चुअल सम्मेलन व 2025 की ईयू यात्रा ने बल दिया। अब यह दौरा सहयोग को नई दिशा देगा।
विदेश मंत्री ने कहा कि यह भागीदारी रणनीतिक साझा को गहरा करेगी। एफटीए पर हालिया प्रगति उत्साहजनक है। 10 जनवरी के बयान में पारस्परिक लाभकारी समझौते का संकल्प जताया।
मंत्रीस्तरीय चर्चाओं में संतुलित एफटीए पर बल। गोयल के ब्रुसेल्स प्रवास में शेफचोविच से गहन बातें हुईं। लंबित बिंदुओं पर वार्ताकार सक्रिय। ब्रुसेल्स संवादों ने राजनीतिक दृढ़ता दिखाई।
यह यात्रा न केवल समारोहिक होगी, बल्कि भारत-ईयू के भविष्य को आकार देगी, जिसमें व्यापारिक अवसरों की भरमार होगी। गणतंत्र का जश्न अब वैश्विक साझेदारी का प्रतीक बनेगा।