पश्चिम बंगाल में आई-पैक विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि मामले से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज को तत्काल संरक्षित किया जाए और 14 दिनों में रिपोर्ट सौंपी जाए।
सुनवाई में बेंच ने सबूतों के संरक्षण पर सवाल उठाए। न्यायाधीशों ने चेतावनी दी कि फुटेज खराब होने या गायब होने पर गंभीर परिणाम होंगे।
भारतीय राजनीतिक एक्शन कमिटी (आई-पैक) पर चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप के आरोप हैं। महत्वपूर्ण स्थानों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग इस जांच की कुंजी हैं।
राज्य पुलिस और प्रशासन पर अब दबाव है। हलफनामे में स्टोरेज, एक्सेस और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरा विवरण देना होगा।
विपक्षी दलों ने कोर्ट के कदम का स्वागत किया है, इसे पारदर्शिता की जीत बताया। वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने इसे केंद्र प्रायोजित बताया।
यह घटना राज्य में न्यायिक सक्रियता को दर्शाती है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ संदेश दिया है कि राजनीतिक दबाव में साक्ष्य सुरक्षित रखना प्रत्येक सरकार का कर्तव्य है। दो हफ्तों में आने वाला जवाब तय करेगा आगे की राह।