2025 भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए स्वर्णिम वर्ष साबित हुआ, जब स्मार्टफोन निर्यात 30 अरब डॉलर के ऐतिहासिक आंकड़े पर पहुंच गए। पीएलआई योजना की बदौलत यह सफलता मिली, जो अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन उत्पादक देश बना चुकी है।
योजना के प्रोत्साहनों ने निवेशकों को लुभाया। तमिलनाडु और अन्य राज्यों में विशाल प्लांट बने। फॉक्सकॉन और एप्पल के निर्यात केंद्र अब पश्चिमी देशों को प्रीमियम फोन भेज रहे हैं।
चौथी तिमाही में मासिक निर्यात 2.5 अरब डॉलर तक पहुंचा। घटकों का घरेलूकरण 35 प्रतिशत हो गया, जिससे लागत घटी और प्रतिस्पर्धा बढ़ी। वियतनाम और कोरिया से टक्कर लेने लायक बन गया भारत।
इससे एमएसएमई मजबूत हुए, टियर-2 शहरों में रोजगार बढ़ा। पीएलआई से इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण 5 गुना उछला।
पीएलआई 3.0 वैश्विक चेन में गहरा एकीकरण लाएगा। श्रम लागत और व्यापार गतिशीलता चुनौतियां हैं, लेकिन भारत की लचीलापन जीत दिलाएगा। यह उपलब्धि ट्रिलियन डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक्स सपने को साकार करेगी।